शनिवार, मई 30, 2020

No Horoscope Astro Guidance






On hearing the name of astrology, the idea of ​​a birth chart comes to mind. To make a horoscope, it is necessary to have the correct information of date of birth, time of birth, place of birth. Sometimes this information is incomplete or incorrect. In that case it is difficult to make a horoscope. However, in astrology, this type of problem can be solved by 'Nasht Jatakam' method. Time of birth, date of birth, rectification is also done.

 

There is a genre in astrology which is called 'Prashna Shastra (Question Astrology). In this mode, the questioner only asks the question and an accurate answer is given by making a horoscope related to that question with the help of which the questioner can make his plan. No information related to birth is required. The question can be asked about himself or any of the relatives or friends. The questioner's mental involvement with the problem is necessary; otherwise the answer to the question would not be correct. Therefore, questions should be asked only if you are ideologically fully connected to your question.

There are many genres in question scripture too. I use the Krishnamurti Paddhatti (KP astrlogy). After doing question in it, a number has to be spoken from 1 to 249 in mind. Then the answer to the question is found by making a question chart.

One important thing should always be remembered. Never, while contacting astrology, think that the answer will always be what you want to hear. Astrology has been called the voice of God and, you can take guidance from this knowledge only when God desires.
A true astrologer only tells what is visible. He does not work to please you.


In Jyotish Healer, I try to guide you so that you put your energy, time and money in the right direction.
 

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Good wishes,
Anurodh

 

contact : krisa.advisor@gmail.com

नो होरोस्कोप एस्ट्रो गाइडेंस





ज्योतिष विद्या का नाम सुनते ही जन्मपत्री का ख्याल मन मे आता है। जन्मपत्री बनाने के लिए जन्म तारीख , जन्म समय , जन्म स्थान का सही पता होना आवश्यक है। कई बार यह जानकारी अधूरी या गलत होती है। उस स्थिति मे जन्मपत्री बनाना कठिन कार्य है।  हालाँकि ज्योतिष शास्त्र मे 'नष्ट जातकम' पद्धत्ति से इस प्रकार की समस्या को हल किया जा सकता है। जन्म समय , जन्म दिनांक शुद्धिकरण भी किया जाता है।

 

परन्तु ज्योतिष शास्त्र मे एक विधा है जिसको 'प्रश्न शाश्त्र' कहते हैं। इस विधा मे प्रश्नकर्ता सिर्फ प्रश्न करता है और उस प्रश्न से सम्बंधित एक कुंडली बना कर सटीक उत्तर दिया जाता है जिसकी सहायता से प्रश्नकर्ता अपनी योजना बना सकता है। किसी प्रकार की जन्म से सम्बंधित जानकारी की आवश्यकता नहीं होती है। प्रश्न अपने से सम्बंधित या अपने किसी भी सम्बन्धी या मित्र के लिए पूछा जा सकता है। प्रश्नकर्ता का समस्या से मानसिक जुडाव आवश्यक है अन्यथा प्रश्न का उत्तर सही नहीं आता है। अतः प्रश्न तभी पूछना चाहिए जब आप अपने प्रश्न से वैचारिक रूप से पूर्ण रूप से जुड़े हुए हों।

 

प्रश्न शाश्त्र मे भी कई विधा हैं। मैं कृष्णामूर्ति पद्धत्ति का प्रयोग करता हूँ। इसमे प्रश्न करने के बाद 1 से 249 के बीच मन से कोई संख्या बोलनी होती है।  फिर एक प्रश्न कुंडली बना कर प्रश्न का उत्तर पाया जाता है।

 

एक महत्वपूर्ण बात हमेशा याद रखनी चाहिए।  कभी भी ज्योतिष से संपर्क करते समय यह न सोचे कि उत्तर हमेशा वह आएगा जो आप सुनना चाहते हैं। ज्योतिष विद्या को ईश्वर की वाणी कहा गया है और, आप इस विद्या से मार्गदर्शन तभी ले सकते हैं जब परमात्मा चाहेंगे।

एक सच्चा ज्योतिष सिर्फ जो दिख रहा है वही बताता है।  वह आप को खुश करने का काम नहीं करता।

 

ज्योतिष हीलर मे मैं आपको मार्गदर्शन देने का प्रयास करता हूँ ताकि आप सही दिशा मे अपनी ऊर्जा , समय एवं धन लगाएं।

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सप्रेम,

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