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सोमवार, अक्तूबर 12, 2020

ज्योतिष और उच्च शिक्षा

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ज्योतिष उच्च शिक्षा के चयन मे कैसे सहायक हो सकती है ?

 आज के समय में कौन ऐसा है जो सफलता नहीं चाहता। शिक्षा इस लक्ष्य को पाने मे बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
आज के प्रतिस्पर्धा के समय मे जब इतने सारे माधयम और विकल्प हैं तो सही चुनाव माता-पिता एवं छात्र के लिए एक चुनौती से कम नहीं है।

उच्च शिक्षा हर एक छात्र पाना चाहता हैं परन्तु उससे भी बड़ा लक्ष्य है कि परीक्षा मे अच्छे अंक आये ताकि प्रतिभा सूची मे भी उच्च स्थान आये और  आगे चलकर अच्छी नौकरी मिल सके या अपना वयवसाय भी करना हो तो सफलतापूर्वक कर पाएं।

जब लोग अपने बच्चों के विषय मे ज्योतिष के अनुसार जानकारी करना चाहते हैं तो मैने अनुभव किया हैं कि  लोग शायद ही कभी बच्चे के स्वास्थ के विषय मे प्रश्न करते हों। यहाँ तक की छोटा बच्चा जिसकी जन्म कुंडली अभी अभी बनाई गयी हैं वहां भी परिवारजन बच्चे की शिक्षा के विषय में प्रश्न स्वास्थ से पहले करते हैं या यदि ज्योतिषी खुद न बताये तो स्वास्थ के विषय मे विशेष नहीं पूछते। तो यह सिद्ध होता है की हम भारतियों के लिए शिक्षा सर्वोपरि है।

इस लेख मे मैं शैछिक स्तर पर ज्योतिष विद्या  की भूमिका पर संक्षेप में  प्रकाश डालूँगा।

ज्योतिष मे किसी भी वयक्ति का शैछिक स्तर क्या होगा यह तो पता चलता ही है साथ ही वह कितना बुद्धिमान होगा यह भी पता चलता है। यहाँ बुद्धिमान का तात्पर्य सीखने और समझने के क्षमता से है , और साथ ही स्मरण शक्ति का भी अनुमान लगाया जा सकता हैं। इस लेख मे किसी भी ज्योतिष तकनीक एवं नियम का उल्लेख नहीं करूंगा बल्कि जन्मकुंडली विवेचना कितनी सार्थक हो सकती है इस बात को केंद्र मे रखकर ही बात की जाएगी।

बात आगे करने से पहले यह भी बता देना चाहता हूँ कि कुछ जगह पर जन्म कुंडली नहीं होती, या जन्म से जुडी जानकारियां अधूरी या अशुद्ध होतीं हैं जैसे समय का सही पता न होना , दिनांक मे भ्रम होना इत्यादि। ऐसे लोगों के प्रश्न ज्योतिष से उत्तर देना संभव है और यह एक सटीक तरीका है।

 

शैक्षिक स्तर की विवेचना :-   

ucch shiksha higer education
ज्योतिष विद्या द्वारा जन्म कुंडली या प्रश्न कुंडली विवेचना से यह देखा जाता है कि  बच्चे मे विद्या का योग है कि नहीं। यह कोई आवश्यक नहीं है कि  यदि परिवार मे सब उच्च शिक्षित हैं तो बच्चा भी उच्च शिक्षित होगा या यदि सब अल्प शिक्षित हैं तो संतान भी कम पढ़ी लिखी होगी। विद्या का योग देखते समय जन्म कुंडली मे मानसिक ध्यान जिसका स्मरण शक्ति से सीधा सम्बन्ध है , समझने की शक्ति आदि कैसी है। जन्म कुंडली मे चंद्र, बुध, गुरु आदि की स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।  यह भी आवश्यक है कि प्रथम भाव का स्वामी (लग्नेश) की स्थिति भी सुढ़ृड़ होनी चाहिए अन्यथा जन्मकुंडली के अच्छे योग भी सही ढंग से परिणाम नहीं दे पाते। तीसरे एवं पंचम भाव से बच्चे के मानसिक झुकाव एवं सोचने समझने की शक्ति का आंकलन किया जाता है।

शिक्षा मे चौथे भाव का बहुत महत्व है। इस भाव से जीवन सुख, माता , चल अचल संपत्ति, वाहन आदि का विचार करा जाता है और, शिक्षा का विचार भी इस भाव से होता है। यह भाव यह दर्शाता है कि क्या बच्चा शिक्षित होगा या नहीं , यानि विद्यालय जायेगा या नहीं। इस भाव का सम्बन्ध नवम भाव (उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान) से हो तो उच्च शिक्षा का योग बनता है। ग्यारवें भाव  से सम्बन्ध उच्च शिक्षा के  प्रबल योग बनाते हैं। तीसरा भाव , चौथा भाव , नवम भाव , ग्यारवा भाव एवं बारहवा भाव सम्बंधित हों तो विदेश शिक्षा के योग बनते हैं।

उपरोक्त विवेचना मे जो दूसरा महत्वपूर्ण भूमिका हैं वह महादशा और अन्तर्दशा की है।  छात्र जीवन मे महादशा और अन्तर्दशा यदि उपरोक्त भावों एवं / या  ग्रहों की हों तो बच्चा शिक्षा मे अच्छा प्रदर्शन करता है। यदि उपरोक्त भावों एवं ग्रहों का सम्बन्ध दसवे भाव (रोजगार एवं वयवसाय ) से हो तो बच्चा पढ़ने के बाद अपनी  उच्च शिक्षा से सम्बंधित क्षेत्र मे ही रोजगार या व्यापार करता है।

एक ज्योतिषी को बच्चे के स्वास्थ एवं आयु की मौन रूप से विवेचना कर लेनी चाहिए और बालारिष्ट योग और दूसरे अरिष्ट योगों का आकलन कर के ही फल कहना चाहिए।


शैक्षिक विषयों का चुनाव :-

शैछिक विवेचना से बड़ी कक्षा मे विषय के चुनाव मे भी बड़ी मदद मिल सकती हैं। पूर्ण विवेचना मे बच्चे के मानसिक बल , शिक्षा योग, मानसिक झुकाव एवं आने वाले समय मे दशा इत्यादि की विवेचन के आधार पर भ्रम की स्थिति काफी कम की जा सकती हैं।

छात्रों की दूसरी समस्यां :-

पढाई के साथ साथ आज छात्र कई और भी चीज़ों के संपर्क मे आने से ज्यादा जानकारी रखते हैं और कई तरह की गलत संगत और व्यसनों के भी शिकार हो जाते हैं।
कभी कभी छात्र का पढाई मे रुझान नहीं होता परन्तु और कई तरह की प्रतिभा उसमे होतीं हैं।

उपरोक्त सभी तरह की स्थितियों मे ज्योतिषीय विवेचना  मार्गदर्शन का काम कर सकती हैं। और समय रहते सही कदम उठा कर बच्चे को सही राह पर डाला जा सकता हैं।

नए अवसर :-

ज्योतिषी को भी नए नए क्षेत्रों और विषयों के बारे मे पढ़ते रहना चाहिए और ज्योतिष मे अनुसन्धान करते रहना चाहिए। आज बहुत सारे नए विषय और क्षेत्र हैं जिनका ज्योतिष ग्रंथों मे कोई उल्लेख नहीं है अतः यह अनुसन्धान का विषय है कि यह नए विषय ज्योतिष विवेचना के द्वारा माता-पिता को बताये जाएं  और सही मार्गदर्शन किया जाए।

बच्चों मे तनाव :-

आजकल बच्चे भी डिप्रेशन और तनाव के शिकार हैं। बच्चों की आत्महत्या के  कई  सारे समाचार सुनने को मिलते हैं। बच्चों का क्रोधी होना व , या गुमसुम रहना आदि सब मानसिक तनाव के लक्षण  हैं।

ज्योतिष इस क्षेत्र मे अग्रिम रूप से विवेचना कर के माता-पिता को सचेत कर सकती है।

ज्योतिष उपाय:-

जैसा की ज्योतिष उपाय के लेख मे मैं यह उल्लेख कर चुका हूँ कि  ज्योतिष कार्मिक गति नहीं बदल सकती परन्तु ज्योतिषीय उपाय कई तरह के  अनिष्ट से हमारी रक्षा करते हैं और अरिष्ट के प्रभाव को कम करते हैं।
यदि ज्योतिषी किसी प्रकार के उपाय के सुझाव दें तो यथा संभव बच्चे से करवाना चाहिए और अरिष्ट के प्रभाव को कम और शुभ प्रभाव को बढ़ाना चाहिए।

और अंत मे :-

जन्म कुंडली की सही विवेचना के आधार पर ही माता-पिता को अपने बच्चे से शैछिक अपेक्षा रखनी चाहिए। कभी भी मछली को दीवार पर चढ़ने की क्षमता नहीं आंके | दोनों की अपनी छमता हैं। हर बच्चा अनोखा है। उसे उसकी क्षमताओं के लिए सराहें और आगे अवसरों का लाभ उठाने लायक बनने मे सहायता करें। यही माता-पिता की सही भूमिका है।  सिर्फ अंकतालिका मे अच्छे अंक लाने की होड़ मे बच्चों के जीवन को दांव कर मत लगाएं।

सप्रेम |

यह भी पढ़ें :  शिशु जन्म के समय का मुहूर्त निकालना 

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मंगलवार, अगस्त 25, 2020

ज्योतिष उपाय की सार्थकता

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 मित्रों जब  आप किसी ज्योतिषी से परामर्श करते हो तो वह आपको कई तरह के उपाय बताते हैं , जिनमे रत्न , पूजा, दान , उपवास आदि क्रिया हो सकती हैं। कुछ लोग इस बात पर आशंकित होते हैं कि यदि यह निश्चित है कि  जो होना है वह होना ही है तो उपाय किस तरह से सहायता करेंगें  या कभी कभी यह भ्रान्ति भी होती है कि  उपाय करने से सब ठीक हो जायेगा और विपत्ति या विपरीत समय से छुटकारा मिल जायेगा।

इस लेख मे मैं अपने अनुभव के आधार पर कुछ सच्चाई लिख रहा हूँ।  इस लेख का आशय किसी भी ज्योतिष विद्वान के इस विषय मे अनुभव को चुनौती देना या गलत साबित करना नहीं है।  इस लेख का विषय आम व्यक्ति को ज्योतिष उपाय के विषय मे जागरूक करना है। 


इस लेख में मैं जिज्ञासु जन के द्वारा पूछे गए प्रश्नो को लेकर उनके उत्तर लिख रहा हूँ।

1 क्या ज्योतिष उपाय से जीवन बदल जायेगा ?

जन्मपत्री के विश्लेषण के पश्च्यात ही यह बताया जा सकता है आपके जीवन की  क्या दिशा है। ग्रह स्थिति , महादशा अंतर दशा , गोचर आदि की विवेचना के बाद ही यह सुनिश्चित होगा कि ज्योतिष उपाय कौन से करने श्रेयस्कर होंगे।
विवेचना के बाद ही यह बताया जा सकता है कि ज्योतिष उपाय से कितना लाभ संभव है।

2 अगर सब कुछ निश्चित है तो ज्योतिष उपाय का क्या लाभ ?

अगर बरसात हो रही है या तेज़ धूप  है तो छतरी का क्या लाभ ? लाभ है क्योंकि छतरी बरसात या धूप के प्रभाव को कम  करती है।
उसी प्रकार ज्योतिष उपाय भी विपरीत समय के प्रभाव को कम कर देते हैं यदि वह बताई गई विधि, लगन , श्रद्धा से लगातार किये जाए। ज्योतिष उपाय जादू नहीं करते परन्तु अपना शुभ प्रभाव अवश्य दिखाते हैं।

ज्यादातर लोग ज्योतिष परामर्श समस्या मे फसने के बाद लेते हैं और आशा करते हैं कि समस्या से छुटकारा मिल जाये।

प्रथम तो यह समझ ले कि विपरीत समय जबतक है तब तक रहेगा , कोई भी पूजा , अनुष्ठान , रत्न उस समय को काम या ज्यादा नहीं कर सकता क्योंकि इसका कार्मिक आधार है।  यदि ज्योतिष परामर्श नियमित लिया जाये तो यह उपाय एक ढाल कि तरह काम करते हैं। वैसे ही की पानी बरसने से पहले ही छतरी खोल लेना न कि पानी मे भीग जाने के बाद।  दोनों ही स्थिति मे छतरी अपना काम करेगी परन्तु आप  पर  प्रभाव अलग होगा।

ज्योतिष प्रभाव शुभ समय के अनुभव को बढ़ा देते हैं। शुभ समय भी निश्चित है और यह भी आएगा ही।  ज्योतिष उपाय निश्चित तौर पर शुभ अनुभव को बढ़ाते हैं।

3 ज्योतिष उपाय के विषय मे आप क्या राय देना चाहेंगे ?

मेरी राय मे ज्योतिष उपाय लगातार करना चाहिए यानि परामर्श के अनुसार यह उपाय प्रतिदिन करने से शुभ अशुभ प्रभाव पूरी तरह से अनुकूल रहते हैं।

4 मुझे एक ज्योतिषी ने अनुष्ठान बताये हैं , परन्तु वह बहुत ही मंहगे हैं। क्या मुझको करना चाहिए ?

यह आप पर निर्भर करता है कि आपका विश्वास कैसा है। कोई भी ज्योतिषी अपने अनुभव के बल पर ही ज्योतिष उपाय बताता है। अनुष्ठान आदि के खर्चे पर भी आपको ही निर्णय लेना होगा। परन्तु इस बात से आश्वस्त हो जाये कि जो भी उस अनुष्ठान या पूजा करा रहा है वह उसके विधि विधान का विशेषज्ञ हो।

5 आप किस प्रकार के ज्योतिष उपाय बताते हैं ?

ज्योतिष उपाय का पहला नियम है कि जो व्यक्ति परामर्श ले रहा है उसको सही स्थिति से अवगत करा देना आवश्यक है। स्थिति का सही ज्ञान देते समय यह भी आवश्यक है कि  व्यक्ति को संभावनाएं बताया जाए, उसको न ही  डराया जाये और न ही अत्यधिक आशावान बनाया जाए।
 
मैं बहुत ही सरल विधियां बताता हूँ जिनमे ज्यादातर चिड़ियों एवं जानवरों  को कुछ विशेष खाने की वस्तुएं देना, इष्टदेव की प्रतिदिन पूजा, चालीसा, स्त्रोत , आदि का पाठ हो सकता है जो की कोई भी व्यक्ति आराम से दैनिक दिनचर्या मे सम्मलित कर सकता है।

मैं ज्योतिष उपाय को प्रतिदिन करने पर जोर देता हूँ। यह स्थितियां अनुकूल रखते हैं। मन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

6 क्या रत्न पहने से लाभ मिलेगा ? वह बेहतर होते हैं ?

रत्न भी प्रभावशाली उपाय हैं परन्तु मैं रत्न सिर्फ शुभ ग्रह को शक्ति प्रदान करने के लिए ही पहने की सलाह देता हूँ। रत्न को शुभ महूर्त मे पहने से उसका प्रभाव बढ़ जाता है परन्तु यह भी निश्चित कर ले कि रत्न की गुणवत्ता अच्छी हो और आपके बजट मे हो।

7 यदि परिवार जन के लिए मैं उपाय करूँ तो क्या उसको लाभ होगा ?

यदि बीमार की जगह आप दवा लें तो क्या बीमार व्यक्ति को लाभ होगा ? नहीं होगा।  यही बात ज्योतिष उपाय पर भी लागू होती हैं।

छोटे बच्चे , अत्यधिक बीमार व्यक्ति जो चिकित्सालय मे भर्ती है, परिवार का सदस्य जो कुछ समय के लिए नगर से बाहर गया हो आदि परिस्थिति मे आप उपाय उनके नाम से कीजिये |

छोटे बच्चे के हाथ से वस्तु स्पर्श करा कर पशु पछियों को दें।  बीमार व्यक्ति यदि घर पर हैं तो भी हाथ से स्पर्श करा दीजिये।  यदि व्यक्ति जल्दी मे हैं और खुद नहीं कर सकते तो स्पर्श करके आप को दे दें और बाद मे आप उसको पशु पछियों को दे दीजिये।  प्रातः उपाय करने से लाभ होता है।

8 हीलिंग से क्या लाभ होता हैं ?

सेरेनिटी सरेंडर हीलिंग से हमारी कार्मिक यात्रा मे अर्जित कर्मों के प्रभाव को जाना जाता है और प्रभावशाली तरीके से उसको हील किया जाता है। हमारे आत्मिक विश्वास हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं और यदि उन विश्वास को समझ कर उनको सही विश्वास एवं विचार से बदल दिया जाये तो जीवन की बहुत सारी समस्या का हल निकला जा सकता हैं।

(सेरेनिटी सरेंडर  के लिए यहाँ क्लिक कीजिये)

अंत मे मै  यह कहना चाहूंगा कि आत्मविश्वास होना अच्छा है परन्तु ज्योतिष परामर्श आपका सही मार्गदर्शन करता  है।

जन्म कुंडली की विवेचना से यह भी बताया जा सकता है कि जिसको उपाय बताया जा रहा है वह उसको श्रद्धा पूर्वक करेगा या नहीं। और उपाय करने से कितना लाभ होगा।

इष्टदेव का ध्यान  , गुरु एवं  परिवार मे बुजुर्गों का आशीर्वाद और, अपना कर्म सही नियत से करना बहुत बड़ा उपाय है, और यदि आप कोई आध्यात्मिक साधना करते हैं तो उस साधना को और कीजिये। आध्यात्मिक साधना सभी तरह की परिस्थितियों को अनुकूल बनाती है और मनः स्थिति सकारात्मक रखती हैं और मनः स्थिति ही जीवन के परिणामों को प्रभावित करती हैं।  ज्योतिष उपाय मनः स्थिति को प्रभावित करते हैं।

शुभकामनाएँ,

अनुरोध

ज्योतिष हीलर की सेवाओं के विषय मे जानने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

How do astrological remedies help?

 इस लेख को हिंदी मे पढ़ें

 

Friends, if you consult an astrologer, then he tells you many remedies, in which gems, worship, donations, fasting etc. can be done. Some people are apprehensive that, if it is certain that what is to happen is going to happen,then  how will the remedies help or, sometimes there is confusion that taking measures will fix everything and will get the rid of the adversity.


In this article, I am writing some truth based on my experience. This article is not intended to challenge or prove any astrological scholar's experience in this subject. The objective of this article is to make the common person aware of the topic of astrological remedies.


In this article, I am writing answers to the questions asked by my clients.

1 Will astrological remedy change life?

Only after analyzing the horoscope, it can be told about the your life’s trends. Only after studying the planetary positions, mahadasha, antar-dasa, transit etc., it will be ascertained that which astrological measures will be best to take.
Only after deliberation can it be told how much benefit is possible from astrological remedy.


2 If everything is certain then what is the benefit of astrological remedy?

If it is raining or there is strong sunlight, what is the benefit of an umbrella? There is a benefit because an umbrella works to lower down the influence of rain or sunlight.
Similarly, astrological remedies also reduce the effect of the adverse phase  if it is done continuously by following the suggested method,with dedication and devotion. Astrological remedies do not do magic, but do show their auspicious effects in due course.

 Most people take astrological counseling after getting into the problem and hope to get rid of the problem.
First of all, understand that the adverse time will be there if it is indicated in your horoscope and, no worship, rituals, gems can work to reduce the duration of that time because it has a karmic base. If astrology consultation is taken regularly then these remedies work like a shield. In the same way, open the umbrella before it rains and not after getting soaked in water. In both the situations the umbrella will do its job but effect on you will be different.

Astrological effects enhance the experience of auspicious times. Auspicious time is also fixed and this too will come. Astrological remedies definitely enhance auspicious experience.

3 What opinion would you like to give regarding the astrological remedy?

In my opinion astrological remedy should be done continuously, that is, according to the advice, by doing this remedy daily, the auspicious inauspicious effects are optimized to a great extent.


4 An astrologer has told me the rituals, but they are very expensive. Should i do?

It depends on your faith. Any astrologer gives astrology solution only on the basis of his experience. You also have to decide on the expenses of rituals etc. But be assured that whoever is performing that ritual or worship should be an expert.

5 What types of astrological remedies do you suggest?

The first rule of astrological remedy is that, it is necessary to make the person aware of the situation. While giving accurate knowledge of the situation, it is also necessary that the person be told about the possibilities, that he should neither be intimidated nor made euphoric.

I tell simple methods in which some special food items are given to the birds and animals, there can be daily worship of the ishtadeva, chalisa, strota, etc. which any person can comfortably incorporate into the daily routine. I see the comfort level of the person in doing the suggested remedies

I insist on doing astrological remedy daily. The conditions are optimized this way and have a positive impact on the mind too.


6 Will wearing gems benefit? Are they better?

Gems are also effective remedies, but I recommend wearing gems only to provide strength to the auspicious planet(s). Wearing a gemstone in auspicious time increases its effectiveness, but also ensure that the quality of the gemstone is good and in your budget.


7 If I do the remedies for the family, will it benefit them?

If you take medicine instead of sick, will the sick person benefit? The answer is NO. The same thing applies to astrological remedies as well.

In case of very young children, highly ill persons who are admitted in the hospital, family member who have gone out of the city for some time, you should do remedies in their name.

8 What are the benefits of healing?

Serenity surrender healing modal helps us to understand our karmic makeup and the reasons for the various issues of the life. In this healing modal the belief system which actually manifests our physical reality is healed and thus our thought process, attitude are transformed and thus our life issues too head towards the solutions in the highest best of all.

(To know more about Serenity Surrender, kindly click here)

In conclusion, I would like to say that it is good to have self confidence but astrological counseling gives you the right guidance which compliments your self confidence.

It can also be told from the horoscope that the person who is being told the remedy will do it or not. And how much benefit will come from doing those remedies.

The blessing of the elders, guru, family wishes and, doing your deeds with proper intention are the great solutions and, if you do any spiritual practice then do that to make it more stronger. Spiritual practice adapts to all kinds of circumstances and keeps the thoughts positive and it affects the results in life. Astrological remedies  facilitates a positive mindset.

With good wishes,

Anurodh

To know more about the Jyotish healer services, please click here

 

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