बुधवार, जुलाई 08, 2020

Indo - China : Is there a war?





Defense forces of India and China are face to face in Ladakh. The question in everyone's mind is, will there be war?

Many predictions were made on solar eclipse that the condition of war is very strong. I wished to know this question also in my mind.

On 24th June, 2020, through the question astrology, the horoscope of this question was seen and the answer came as follows:

The Indian position is quite strong, especially in the international arena. India is on the offensive but will not make any offensive action. Anyway, India has a national policy of not attacking first in war. The planets show the restrain on aggression in Indian attitude.
With this, China will also look aggressive but it will not be able to take any step towards India. China will try to tarnish the image of India but it will not succeed.


In the question chart, Ve mahadasa, Ra antardasa, Sa pratyantar is running. Sa is retrograde and will remain so till September 24, 2020.
Circumstances will remain same, but there will no full scale war. The situation is likely to return to normalcy after September.

No chance of  full scale war between Indian and China.


For those who know KP Astrology, a brief analysis is given here;



Following is the description of the question;

KP Number = 13
Date = 26 June 2020
Time = 20 hrs 39 min 50 sec
Day = friday
Location = Greater Noida West, Uttar Pradesh (77 deg 25 min E, 28 deg 25 min N)
Software = Jyotish Deepika

As it was a question for the country, the lagna was considered a India.

1. The lagna sublord is Ma which is in the constellation and sub of Sa. Saturn is retrograde. The signs of Ma is Pisces which is water element dual natur sign thus makes sensitive and arrests the aggression of Ma.

Ma
11'-1-8
Sa (r)
10 '' - 11-2-3-4'-9-8-12
Sa (r)
10 '' - 11-2-3-4'-9-8-12

8 - 12  show the strength of the opposition and losses to the first party ; India. But 11 - 1 -10 "- 2 make Ma a strong. So the position of India is strong but Sa (r) will not allow any aggressive (war related) action.

2. The seventh house represents the opposition. If 8 - 12 signify in the 7th sublord, then the opposition will be strong and may become the attacker. Here oppostion is China.
The 7th sublord is Ve. Ve is a beneficial planet but sits in its own sign Taurus. Taurus has earth element, so practical behavior is seen. This sign looks aggressive like bull and often does not take aggressive steps on its own.
Therefore, China will also show aggressive attitude and will intermittently scare and intimidate India.


Ve
1'-2-7'-5
Mo
5-4-2
Ma
11'-1-8

Here too, there are 5 -11 who signify friendship (here in war-related subjects, they greatly reduce the chance of attack). Ve, Mo are sitting on aggressive signs; Taurus and Leo and Ma is sublord then China’s attitude will be aggressive but it is very difficult to make up the mind to attack India

Venus is also a Mahadasha lord, so the possibility of war is minimum.
The antardasa belongs to Rahu.

Ra
 2-3 '' '- 7-6' '- 11' '- 12-5-10-1-8
Ma
11'-1-8
Su
3-5-6-10

Antardasha also signifies 2 -6 - 10 - 11 - 5, so Antardasha is also in favor of India and weakens the opposition (China) and inspires friendly behavior.

Sa is retrograde, therefore, Sa will not allow any aggressive step.

Therefore, there is no chance of full scale war.

The sublords of the third house and the ninth house are Sa, which is retrograde. Sa will not allow the faith to be established between both the nations/governments and Sa is a sublord of the third house and the ninth house thus shows false news, so in this case both the sides will try to confuse each other with many misleading information and propaganda.

After September 2020, Ve in Mahadasha and atardasa of Mercury will commence which will ease the situation and give India a more powerful position.

with love,
Anurodh

भारत - चीन : क्या युद्ध होगा ?

भारत और चीन की रक्षा सेना लद्दाख मे आमने सामने हैं। सभी के मन मे यह सवाल है कि क्या युद्ध होगा?

सूर्य ग्रहण पर  कई भविष्यवाणी की गयी कि  युद्ध के हालत काफी प्रबल है। इस प्रश्न को मेरे मन मे भी जानने की इच्छा हुई। 
चित्र : गूगल इमेजेज (कॉपीराइट फ्री )

२६ जून २०२० को प्रश्न ज्योतिष के माध्यम से इस प्रश्न की कुंडली बनाकर देखा गया और उत्तर इस प्रकार आया:-

 भारतीय स्थिति काफी मजबूत है खासकर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर। भारत आक्रामक रुख मे है परन्तु कोई कदम नहीं उठाएगा। वैसे भी भारत की युद्ध मे पहल न करने की राष्ट्रीय नीति है।  ग्रह दर्शाते हैं कि भारतीय रुख मे आक्रामकता के साथ नियंत्रण बना रहेगा।

इसके साथ ही चीन भी आक्रामक दिखेगा परन्तु वह भारत की तरफ कोई कदम नहीं उठा पायेगा। चीन कोशिश करेगा कि वह भारत की छवि को ख़राब करे परन्तु वह सफल नहीं होगा।

 प्रश्न कुंडली मे शुक्र महादशा मे राहु की अन्तर्दशा और शनि का प्रत्यंतर है। शनि वक्री हैं और प्रत्यंतर २८ सितम्बर २०२० तक रहेगा।

तनातनी की स्थिति बनी रहेगी परन्तु पूर्ण युद्ध नहीं होगा।  सितम्बर के बाद स्थिति पूर्ण सामान्य हो जाने की सम्भावना है।

युद्ध होने की सम्भावना ना के बराबर है।

 जो लोग केपी एस्ट्रोलॉजी जानते हैं उनके लिए यहाँ संक्षेप मे विश्लेषण दिया जा रहा है ;


 प्रश्न का विवरण निम्नलिखित है ;

केपी नंबर = १३

दिनांक = २६ जून २०२०

समय = ८ बजकर ३९ मिनट ५० सेकंड

दिन =  शुक्रवार

स्थान = ग्रेटर नॉएडा वेस्ट, उत्तर प्रदेश (७७ deg २५ min पूर्व , २८ deg २५ min उत्तर

सॉफ्टवेयर = ज्योतिष दीपिका

 यह क्योंकि देश के लिए प्रश्न था तो लग्न को देश माना।

 १. लग्न सबलार्ड मंगल है जो शनि के नक्षत्र एवं सब मे है। शनि वक्री हैं। मंगल जल तत्व की राशि मीन पर हैं।

 o

11'-1-8

o (व)

10''-11-2-3-4'-9-8-12

o (व)

10''-11-2-3-4'-9-8-12

 8 - 12 विपक्षी का बल एवं अपना नुकसान दिखते हैं। परन्तु 11 - 1 -10 " - 2 मंगल को बलि बनाते हैं।  अतः भारत की स्थिति मजबूत हैं परन्तु वक्री शनि कोई भी  आक्रामक कदम (युद्ध सम्बन्धी ) नहीं उठाने देगा।

 २. सप्तम भाव विपक्षी जो दर्शाता हैं। यदि सप्तम सबलार्ड मे 8 - 12 प्रबल हो तो विपक्ष (चीन) बलि होगा और हमलावर हो सकता हैं।

सप्तम सबलार्ड शुक्र हैं। शुक्र सौम्य ग्रह हैं परन्तु अपनी राशि वृषभ मे विराजमान हैं। वृषभ पृथ्वी तत्व राशि हैं अतः व्यावहारिक आचरण दिखती हैं। यह राशि वृषभ (सांड ) की तरह ही आक्रामक दिखती है और प्रायः स्वयं आक्रामक कदम नहीं उठती है।

अतः चीन भी आक्रामक रुख दिखायेगा और बीच बीच मे हुंकार मारेगा और डरायेगा।

 शुo

1'-2-7'-5

o

5-4-2

o 

11'-1-8

 यहाँ भी 5 -11 हैं जो मित्रता के परिचायक हैं (यहाँ युद्ध सम्बन्धी विषय मे यह आक्रमण की सम्भावना को बहुत कम करते हैं) | शुक्र , चंद्र आक्रामक राशि वृषभ एवं सिंह पर विराजमान हैं और मंगल सबलार्ड है तो रुख आक्रामक होगा परन्तु आक्रमण का मन बनाना अत्यंत कठिन हैं।

 शुक्र महादशा स्वामी भी हैं अतः युद्ध की सम्भावना को बहुत काम करते हैं।

अन्तर्दशा राहु की हैं।

 राo

 2-3'''-7-6''-11''-12-5-10-1-8

o 

11'-1-8

सूo

3-5-6-10

 अन्तर्दशा मे भी 2 -6 - 10 - 11 - 5 प्रबल हैं अतः अन्तर्दशा भी भारत के पक्ष मे हैं और विपक्षी को कमजोर करती हैं और दोस्ताना वयवहार करने को प्रेरित करती हैं।

 शनि का प्रत्यंतर चल रहा हैं अतः वक्री शनि कोई भी आक्रामक कदम नहीं उठाने देंगे।

 अतः युद्ध होने  कि  सम्भावना ना के बराबर है।

 तीसरे भाव एवं नवे भाव के सबलार्ड शनि हैं जो वक्री हैं।  शनि विश्वास कायम नहीं होने देंगे और शनि तीसरे भाव एवं नवे भाव का सबलार्ड होने से झूठ  खबर भी दर्शाते हैं अतः इस प्रकरण मे दोनों पक्ष ही कई तरह की भ्रामक जानकारी से एक दूसरे को भ्रम मे रखने का प्रयास करेंगे।

 सितम्बर 2020 के बाद शुक्र महादशा मे बुध की अन्तर्दशा होगी जो परिस्थिति को सुगम करेगी और भारत को और शक्तिशाली रूप देगी।  

 सप्रेम

अनुरोध

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