मिथ्या १ : दो व्यक्तियों के ग्रह एक दूसरे को प्रभावित करते हैं? (Myth 1 : Do two people impact each other astrologically?)


(इस लेख में दिए गए तथ्य मेरे अनुभव पर आधारित हैं। ज्योतिष विशषज्ञों का मत इस पर भिन्न हो सकता है। पाठक अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं।)

कई बार इस प्रकार की बातें सुनने में आती हैं कि दो व्यक्तियों की जन्मपत्र (horoscope) मे ग्रह स्थिति (planetary positions) एक दूसरे को प्रभावित करती है। क्या यह बात सत्य है ?

यदि यह बात सत्य है तो कर्म (karma) की अवधारणा (concept) गलत सिद्ध हो जाती है।
हम सभी आत्मा (soul) हैं जो की शरीर धारण कर के इस पृथ्वी पर जन्म लेते हैं।  हम सभी स्वतंत्र हैं और स्वतंत्र रूप से ही कर्म करते हैं। इसीलिए कर्म का परिणाम भी स्वयं ही भोगना होता है। जन्म लेते समय हम इस जीवन के सभी सम्बन्ध भी चुनते हैं।

सम्बन्ध चुनते समय दो तथ्य महत्वपूर्ण होते हैं :

 

१. क्या जिस आत्मा से हम सम्बन्ध बनाएंगे उस आत्मा से कोई कार्मिक सम्बन्ध है ? 

यदि हाँ तो इस जन्म मे वह कार्मिक सम्बन्ध हम उसे व्यक्ति के साथ निभायेंगे। उदाहरण के लिए , किसी जन्म मे किसी आत्मा ने मेरी मदद की थी, जिसको मै (एक आत्मा के नाते) एक ऋण (liability) मानता हूँ। हो सकता है इस जन्म मे उसका और मेरा नाता फिर बने किसी विशेष परिस्थिति मे मैं उसकी मदद करूँ।

२. क्या मेरा किसी सम्बन्ध विशेष से कार्मिक सम्बन्ध है ? 

 यदि हाँ तो इस जन्म में उस सम्बन्ध से मेरा कार्मिक भोग बनेगा। उदाहरण के लिए , देखने मे आता है कि कुछ लोगों की अपने अधिकारी (boss) से नहीं बनती। अब अधिकारी बदल भी जाये परन्तु कुछ समय के बाद नए अधिकारी से भी समस्या प्रारम्भ हो जाएगी।
इसी प्रकार स्थान, परिस्थिति एवं कई दूसरी चीज़ों से भी कार्मिक सम्बन्ध होते हैं। इनको हम कार्मिक अनुबंध (contract) कहते हैं।

विशेष बात यह है कि  जब हम किसी आत्मा के साथ कार्मिक अनुबंध करते हैं तो वह आत्मा भी अपने किसी कार्मिक कारण से हमसे अनुबंध करती हैं। ज्योतिष शाश्त्र मे इस प्रकार के कार्मिक अनुबंधों को समझने के कई विधियां हैं जो की एक अनुभवी ज्योतिष बता सकता है या तो सेरेनिटी सरेंडर (serenity surrender healing ) हीलिंग विधा से इसको जाना एवं समझा जा सकता है।

अतः जब जन्मपत्र (horoscope) विवेचना की जाती है और दो व्यक्तियों के सम्बन्ध देखे जाते हैं जैसे , वैवाहिक (marital), ससुराल पक्ष से सम्बन्ध (relationship with the in-laws), संतान से सम्बन्ध (relationship with children), व्यापार मे साझेदार से सम्बन्ध (relationship with the business partner), और इस जीवन के बाकि सम्बन्ध आदि।

यहाँ पर एक का जन्मपत्र (horoscope) दूसरे  व्यक्ति से सम्बन्ध के आधार पर ग्रह स्थिति दिखाएंगे। मान लेते हैं कि एक विवाह प्रस्ताव है और उसमे लड़की के जन्मांग (horoscope) मे पति कि  आर्थिक स्थिति (financial status) अच्छी है और उसका विवाह (marriage) एक लड़के से होता जो साधारण परिवार से है। विवाह के बाद वह लड़का प्रगति करने लगता है। अब लोग कहने लगते हैं कि वह लड़की लड़के के लिए बड़ी शुभ निकली। परन्तु गहन विवेचना (deep analysis) करने पर यह अवश्य दिखेगा कि लड़के के जन्मांग (horoscope) मे विवाह के बाद प्रगति का योग होगा। अतः दोनों का विवाह हुआ। लड़की की जन्मपत्र मे भी यह योग होगा की पति का परिवार माधयम वर्ग का होगा परन्तु पति का आर्थिक स्तर (financial status) अच्छा होगा।
इसी प्रकार अशुभ योगों की भी विवेचना होनी चाहिए। 

यह कहना गलत है कि किसी की ग्रह स्थिति दूसरे की ग्रह स्थिति को प्रभावित करती है। क्योंकि जब अच्छा होता है तब तो लोग प्रसन्न होते हैं परन्तु जब ख़राब होता है तो लोग दूसरे पर दोष डालते हैं।

सत्य यह है कि हमारे जन्मांग (horoscope) मे हमारे सम्बन्धियों की  स्थिति दिखती है उसी प्रकार हमारी स्थिति उनके जन्मांग (horoscope) मे दिखती है क्योंकि हर सम्बन्ध कार्मिक अनुबंध (karmic contract) है।

सप्रेम।                                       
अनुरोध।

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